केदारनाथ के बाद पशुपतिनाथ जाने की मुख्य वजह भगवान शिव के शरीर के अंगों का प्रकट होना, पौराणिक मान्यता और यात्रा को पूरा करना है।
पौराणिक संबंध और मान्यताबैल का रूप: महाभारत के बाद पांडवों से छुपने के लिए शिव जी ने बैल (नंदी) का रूप लिया था।
केदारनाथ (पीठ): धरती में समाते वक्त बैल की पीठ का भाग केदारनाथ में त्रिकोण लिंग के रूप में प्रकट हुआ।
पशुपतिनाथ (मुख): उसी बैल रूप का मुख या सिर का भाग नेपाल (काठमांडू) में स्थित काठमांडू (नेपाल) में पशुपतिनाथ के रूप में प्रकट हुआ।
यात्रा की पूर्णताअधूरा दर्शन: धार्मिक मान्यता है कि केवल केदारनाथ के दर्शन करने से शिव जी का पूरा स्वरूप प्राप्त नहीं होता।
पूर्ण स्वरूप: जब तक भक्त Pashupatinath Temple नहीं जाते, तब तक केदारनाथ की यात्रा आध्यात्मिक रूप से अधूरी मानी जाती है। इसलिए दोनों के दर्शन करके शिव जी के पूर्ण शरीर (शीश और पीठ) के दर्शन का फल मिलता है।
Best rates available Contact us for Nepal Tour
Visit Us :- https://www.suvidhayatri.com/nepal-tour-package
On WhatsApp:- https://wa.me/918744992244
On WhatsApp Channel :- https://www.facebook.com/share/1br6L1dkm9/
On Instagram :- https://www.instagram.com/suvidhayatri?igsh=MWhycTEwemM4Y2c3aQ==
On Facebook:- https://www.facebook.com/share/1br6L1dkm9/
Call @ 8744992244,8745009300
#Nepaltour #Nepaltourpackage #Pashupatinathtour #Pashupatinathtourpackage #Kathmandutour #Kathmandutourpackage #Muktinathtour #Muktinathtourpackage #Chitwan #Manokamnadevitemple

No comments:
Post a Comment